Monday, September 7, 2026
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धामी सरकार ने फिर जीता जनता का भरोसा — पारदर्शिता के लिए स्नातक परीक्षा को किया रद्द!  

 

धामी सरकार ने फिर जीता जनता का भरोसा — पारदर्शिता के लिए स्नातक परीक्षा को किया रद्द!

उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा दिनांक-09.04.2025 को स्नातक स्तरीय पदों की विज्ञप्ति के आधार पर दिनांक-21.09.2025 को प्रदेश के समस्त जनपदों में लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया।

निर्धारित तिथि दिनांक-21.09.2025 को परीक्षा समाप्ति के पश्चात लगभग 01:30 बजे सोशल मीडिया पर कुछ प्रश्नों के स्क्रीन शॉट वायरल हुए, जिसकी सूचना मिलने पर आयोग द्वारा तत्काल एस०एस०पी० देहरादून को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई। एस०एस०पी० द्वारा प्राथमिक जाँच के आधार पर थाना रायपुर, देहरादून में मु0अ0सं0-0301, दिनांक-22.09.2025 पंजीकृत किया गया। दिनांक-27.09.2025 को सरकार द्वारा प्रकरण की जाँच हेतु कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट 1952 के अन्तर्गत मा०न्यायाधीश (से०नि०) उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड श्री यू० सी० ध्यानी के नेतृत्व में एक सदस्यीय, न्यायिक जाँच आयोग का गठन किया गया। आज दिनांक-11.10. 2025 को मा० न्यायिक आयोग की अन्तरिम जाँच आख्या दिनांक-08.10.2025 प्राप्त हुई। आयोग द्वारा आख्या का गहन अध्ययन कर विचार विमर्श किया गया। तदोपरान्त निर्णय लिया गया कि लिखित प्रतियोगी परीक्षाओं की गोपनीयता, शुचिता एवं पारदर्शिता के साथ-साथ परीक्षा का संदेह से परे होना भी आवश्यक है। परीक्षा के संबंध में उक्त प्रतियोगी परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के साथ-साथ सामान्य जनमानस का पूर्ण विश्वास होना भी आवश्यक है। उक्त प्रकरण में विवेचना वर्तमान में प्रचलित है। आयोग द्वारा निर्णय लिया गया है कि परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए दिनांक-21.09.2025 को संपन्न उपरोक्त परीक्षा को निरस्त किया जाना समुचित होगा।

अतः उक्तानुसार दिनांक-21.09.2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा निरस्त की जाती है व जिसकी पुनः परीक्षा 03 माह के पश्चात आयोजित की जानी प्रस्तावित है।

 

(डॉ० शिव कुमार बरनवाल)

सचिव।

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