पहाड़ों की रानी मसूरी ने पूरे किए 200 साल, जानिए कैसे बसाया गया था ये शहर

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पहाड़ों की रानी कही जाने वाली मसूरी ने अपने गठन के 200 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर शहर में जोरदार जश्न मनसया गया। शहर की खोज करने वाले अंग्रेज अधिकारियों के परिवार के सदस्यों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

मसूरी के लोगों ने शहर के गठन दिवस के मौके पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। ठीक 200 साल पहले वर्ष 1823 में एक ब्रिटिश सेना अधिकारी कैप्टन फ्रेडरिक यंग और देहरादून के तत्कालीन सुपरीटेंडेंट फ्रेडरिक जे शोर ने मसूरी रिज पर चढ़ाई की। वे खेल के लिए उचित वातावरण की तलाश में यहां पहुंचे थे। जब वे मसूरी की पहाड़ियों पर पहुंचे तो वहां की सुंदरता देखकर मोहित हो गए। कैप्टन यंग ने पहाड़ी पर जल्द ही एक शूटिंग बॉक्स खड़ा कर दिया।

रात्रि भोज का किया गया आयोजन

मसूरी के वेलकम होटल में शुक्रवार को 18वीं द्विशताब्दी रात्रिभोज का आयोजन किया गया। मसूरी नगर परिषद (एमएमसी) की ओर से सेवॉय और द्विशताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इसमें सैन्य संचालन के पूर्व महानिदेशक और वर्तमान में भारतीय अंतरिक्ष संघ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अनिल कुमार भट्ट मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। वहीं, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सम्मानित अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।

गर्व से भरने वाला यह मौका

मेजर एडमंड स्वेतेन्हम के परिवार से संबद्ध जेनी टर्नर ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कहा कि मैं दार्जिलिंग में पैदा हुई थी और मसूरी के क्लाउड्स एंड में जाया करती थी। वहां मेरा परिवार रहा करता था। हालांकि, हमारा परिवार विदेश चला गया था, लेकिन मैं अभी भी भारत की एक लड़की हूं। शहर के द्विशताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाना मेरे लिए गर्व का क्षण है।

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