Wednesday, April 22, 2026
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श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने फिर साबित की श्रेष्ठता, देहरादून में पहली बार कूल्ड RFA ऑपरेशन सफल

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल ने फिर साबित की श्रेष्ठता, देहरादून में पहली बार कूल्ड RFA ऑपरेशन सफल

देहरादून। दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में देहरादून ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। शहर में पहली बार कूल्ड रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (Cooled Radiofrequency Ablation – Cooled RFA) तकनीक के माध्यम से घुटने के गंभीर दर्द से पीड़ित मरीज का सफल इलाज किया गया। इस आधुनिक प्रक्रिया के बाद मरीज को दर्द से काफी राहत मिली है और अब वह पहले की तुलना में बेहतर तरीके से चल-फिर पा रही हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 64 वर्षीय श्रीमती सावित्री देवी लंबे समय से घुटनों के अत्यधिक दर्द से परेशान थीं। उन्हें ऑस्टियोआर्थराइटिस घुटना, ग्रेड-4 की गंभीर समस्या थी। दर्द इतना अधिक था कि उन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी और सामान्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे थे।

चिकित्सकों के अनुसार, ऑस्टियोआर्थराइटिस के इस उन्नत चरण में आमतौर पर मरीज को घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की सलाह दी जाती है, लेकिन कई मरीज उम्र, अन्य बीमारियों, आर्थिक कारणों या सर्जरी के डर की वजह से ऑपरेशन नहीं करवा पाते। ऐसे मामलों में कूल्ड RFA एक प्रभावी, सुरक्षित और आधुनिक विकल्प बनकर उभर रहा है।

आम बोलचाल में क्या है कूल्ड RFA?

कूल्ड RFA एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बिना चीरा लगाए, केवल विशेष सुई की मदद से घुटने के दर्द को महसूस कराने वाली नसों को नियंत्रित किया जाता है, ताकि दर्द में लंबे समय तक राहत मिल सके। यह एक मिनिमली इनवेसिव, यानी बहुत कम हस्तक्षेप वाली तकनीक है, जिसमें बड़ी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती।

यह प्रक्रिया क्यों जरूरी थी?

मरीज को घुटने में असहनीय दर्द था, चलना मुश्किल हो गया था, और दवा तथा सामान्य उपचार से पर्याप्त राहत नहीं मिल रही थी। ऐसे में बिना बड़ी सर्जरी के दर्द कम करने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी मानी गई।

इलाज के बाद स्थिति

कूल्ड RFA प्रक्रिया के बाद मरीज को दर्द में उल्लेखनीय राहत मिली। अब मरीज पहले की तुलना में काफी बेहतर हैं, दर्द से लगभग मुक्त हैं और चलने-फिरने में भी सुधार हुआ है।

आम मरीजों के लिए क्या हैं फायदे?

इस तकनीक के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं:

बिना बड़े ऑपरेशन के उपचार

बिना चीरा लगाए प्रक्रिया

कम समय में पूरा होने वाला डे-केयर उपचार

कम अस्पताल में भर्ती की जरूरत

जल्दी रिकवरी

बुजुर्ग एवं सर्जरी के लिए हाई-रिस्क मरीजों के लिए उपयोगी

CGHS/कैशलेस कवर के अंतर्गत भी सुविधा उपलब्ध

विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक उन मरीजों के लिए बहुत लाभकारी है जो लंबे समय से घुटनों के दर्द से परेशान हैं लेकिन सर्जरी नहीं करवाना चाहते या करवाने की स्थिति में नहीं हैं।

देहरादून के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

चिकित्सकों के अनुसार, देहरादून में इस तरह की कूल्ड RFA प्रक्रिया पहली बार सफलतापूर्वक की गई है, जो दर्द प्रबंधन और आधुनिक इंटरवेंशनल उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

देश में कहाँ उपलब्ध है यह उपचार?

भारत में यह सुविधा अभी मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा बड़े दर्द प्रबंधन केंद्रों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों और महानगरों में उपलब्ध है। अब देहरादून में भी इस आधुनिक तकनीक की उपलब्धता से उत्तराखंड और आसपास के मरीजों को बड़ा लाभ मिल सकेगा।

इस सफल प्रक्रिया को डॉ. गिरीश कुमार सिंह, पेन मेडिसिन विशेषज्ञ, द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि कूल्ड RFA घुटने के पुराने दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए एक प्रभावी विकल्प है और भविष्य में इसका लाभ अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंचाया जा सकता है।

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