Monday, September 7, 2026
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उत्तराखण्ड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विश्व स्तर पर स्थापित करने हेतु 5-7 प्रमुख स्थलों को विकसित करने की रूपरेखा बनाई जाए

 

उत्तराखण्ड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विश्व स्तर पर स्थापित करने हेतु 5-7 प्रमुख स्थलों को विकसित करने की रूपरेखा बनाई जाए

 

 

 

उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए सुझावों को राज्य सरकार ने आगामी 25 वर्षों के विकास रोडमैप की आधारशिला मानते हुए, उन पर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रधानमंत्री के सुझावों के अनुरूप ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए विचार उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास का स्पष्ट मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की आत्मा अध्यात्म, पर्यटन और प्राकृतिक संपदा में निहित है, उत्तराखण्ड को “स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र, आयुर्वेद केंद्र, नैचुरोपैथी संस्थान और होम-स्टे को मिलाकर एक संपूर्ण पर्यटन एवं वेलनेस पैकेज तैयार किया जाए।

प्रत्येक वाइब्रेंट विलेज को छोटे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ स्थानीय भोजन, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जा सके।

राज्य के स्थानीय मेलों और पर्वों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल” अभियान शुरू किया जाए।

पहाड़ी जिलों को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ ब्लूबेरी, कीवी, हर्बल और औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जाए।

फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पादों से जुड़े एमएसएमई को सशक्त बनाकर स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं।

तीर्थाटन, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और बारहमासी पर्यटन को समेकित विकास नीति के तहत आगे बढ़ाया जाए।उत्तराखण्ड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विश्व स्तर पर स्थापित करने हेतु 5-7 प्रमुख स्थलों को विकसित करने की रूपरेखा बनाई जाए।

जीआई टैग प्राप्त उत्पादों और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के तहत राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की ठोस रणनीति बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न 2047 के ‘विकसित भारत’ के अनुरूप है, और उत्तराखण्ड इस दिशा में अग्रणी राज्य बनने की क्षमता रखता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से विस्तृत रोडमैप और टाइमलाइन आधारित एक्शन प्लान तैयार करें, ताकि इन सुझावों को धरातल पर उतारा जा सके।

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