सेवा, सुशासन और पारदर्शिता की सुचिता: प्रशासनिक ईमानदारी का धामी मॉडल

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सेवा, सुशासन और पारदर्शिता की सुचिता: प्रशासनिक ईमानदारी का धामी मॉडल

उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और पारदर्शिता को शासन की मूल भावना के रूप में स्थापित किया गया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार ने युद्ध स्तर पर अभियान चलाया है, जिसके अंतर्गत टोल फ्री नंबर 1064 की स्थापना की गई जहां आम नागरिक सीधे भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। केवल तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों पर कठोर कार्रवाई कर सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। जनसंवाद को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से हज़ारों नागरिकों की समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से किया गया है। प्रशासन को जनकेंद्रित और जवाबदेह बनाने की दिशा में सरकार ने अनेक प्रभावशाली पहल की हैं। तहसील दिवस, जनता दरबार, और सार्वजनिक सुनवाई कार्यक्रमों के माध्यम से जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है। अपणि सरकार पोर्टल के ज़रिए 300 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं, जिससे आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। वहीं DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सभी सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पारदर्शी तरीके से भेजा जा रहा है। ये सभी प्रयास मुख्यमंत्री धामी के जनपक्षीय, पारदर्शी और ईमानदार शासन के संकल्प को साकार करते हैं जिसमें जनता ही केंद्र में है और सरकार जवाबदेही की नई मिसाल बन चुकी है।

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